Sunday, January 10, 2010

पढ़े लिखे गवार - Forwarded emails

यह मेरा पहला हिंदी ब्लॉग है | पहला प्रयास कुछ हिंदी में लिखने का |
इसे लिखने के लिए मुझे मेरे तमाम दोस्तों ने प्ररित किया है, जो आए दिन मुझे ईमेल भेजते है | कभी अच्छे तो कभी घटिया |
मैं उन संदेशो की सराहना करना चाहूँगा, जो नए और रुचिकर होते है |
परन्तु मैं कर वर्षो से ऐसे ईमेल भी प्राप्त कर रहा हू, जिनका मूल उद्देश्य मुझे आजतक ज्ञात नहीं हुआ है | ये ऐसे ईमेल होते है, जिनमे लिखा होता है कि अगर ये सदेश पढ़ कर आप इस ईमेल को आगे १० या २० लोगो को नहीं भेजेंगे तो आप बदकिस्मत हो जायेंगे| लेकिन अगर आप इस ईमेल श्रंखला को आगे बढ़ाएंगे, तो आप किस्मत के धनी हो जायेंगे |

इस प्रकार के ईमेल के कुछ निम्नलिखित उद्देश्य हो सकते है :
१ . दूसरों का समाया बर्बाद करना |
२. ईमेल मार्केटिंग (विपणन) हथकंडे |
३. कोई उद्देश्य न होना, जैसा की कुछ पागल लोग किया करते है |

इन पढ़े लिखे पागलो से बचने की लिए, हमें कदम उठाने चाहिए | हालाँकि, मुझे जब भी इस प्रकार की ईमेल प्राप्त होते है तो मैं, कठोर शब्दों का प्रयोग कर, भेजने वाले को आगे से ऐसे ईमेल न भेजने का
आग्रह करता हू | अगर आपके पास भी इस प्रकार के घटिया सन्देश आते है तो, इनसे दूर रहे और इनको
बढ़ावा न दे |

साथ हे अगर इनसे मुक्ति पाने का कोई सुन्दर तरीका हो तो, हमें भी बताये |

4 comments:

jainanurag.09 said...

Akash...very good attempt for your hindi typing...but this time...the content is not that gr8....we expect more from you!! Please live upto the expectations of your fans!! All the best>>

Aki said...

प्रिये आकाश
नया प्रयास सराहनीये है। आशा है के तुम इस को नयी बुलंदियों तक ले कर जाओगे॥!

nikhil said...

hindi is very harmlfull for a student carrier in indiao
so dont get encouraged by these bludy politician who send their own child to learn english abroad

Renu said...

we must ignore such mails...though I know a few people who are educated but still believe in them.